दो साल से कागजों में उलझा है पैथालॉजी विभाग के सैंपल कलेक्शन का मामला
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माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में अब तक पैथालॉजी विभाग का सैंपल कलेक्शन काउंटर नहीं खुल सका है। मरीजों को सैंपल देने मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। दो साल से सैंपल कलेक्शन का मामला कागजों में है। पैथालॉजी विभाग के लिए अस्पताल में पहले से जगह चिह्नित कर खुद आईएमएस निदेशक कई बार एमएस ऑफिस को पत्र लिख चुके हैं। वहीं, पैथालॉजी विभागाध्यक्ष की ओर से कई बार पत्र लिखकर आवंटित जगह मांगी गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बीएचयू में हर दिन छह हजार मरीज आते हैं। सीसीआई लैब पर केंद्रीयकृत सैंपल लेने और जांच की व्यवस्था है। इसके बाद भी वायरल डिजीज, कैंसर के लक्षणों की पुष्टि के लिए शरीर में बनने वाले पानी की जांच (एफएनएसी) होती हैं, इसके लिए सैंपल कलेक्शन की कोई व्यवस्था नहीं है। मरीजों को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। मेडिकल कालेज यानी आईएमएस परिसर में जो लैब चलती है, उसे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य लोग ज्योति शुक्ला, ऊषा सिंह लैब के नाम से जानते हैं। गेट पर पहुंचने के बाद लैब के बारे में जानकारी नहीं मिलती है। किसी तरह पहुंचने के बाद मरीजों को लाइन में सैंपल देना पड़ता है। मंगलवार को भी लाइन लगी रही।
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समिति ने भी तय की है कलेक्शन की जगह पैथालॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार का कहना है कि स्थान आवंटन समिति की ओर से ओपीडी हॉल के पास बने कमरा नंबर 105 को पैथालॉजी विभाग के सैंपल कलेक्शन के लिए आवंटित किया गया है। मरीजों का सैंपल लेने के लिए 21 जुलाई 2023 से अब तक कई बार चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय को पत्र भेजा गया है। खुद निदेशक ने भी 24 सितंबर 2022 को एमएस को पत्र देकर कार्रवाई की बात कही है। लेकिन अब तक निर्णय नहीं लिया जा सका है।
आईएमएस में बने लैब में सैंपल जमा करने की समस्या को देख नियमानुसार अस्पताल में आवंटित जगह पर जल्द से जल्द सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था शुरू करवाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। पैथालॉजी विभागाध्यक्ष से भी बात की जाएगी। - प्रो.एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू