जम्मू कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर स्थित जवाहर सुंरग के पास स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) के दस्ते पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। इस हमले में बलिया जिले के बेल्थरारोड क्षेत्र के टंगुनियां गांव निवासी एसएसबी जवान रामप्रवेश यादव शहीद हो गए।
बीते गुरुवार को भी जम्मू में पाकिस्तानी गोलीबारी में इसी जिले के बीएसएफ जवान शहीद हो गए थे। बुधवार रात 10 बजे जब रामप्रवेश के शहीद होने की सूचना मिली तो परिवार सहित पूरे गांव में गम की लहर दौड़ पड़ी।
परिवार का यह क्रंदन देख पूरे गांव में आंसु की धारा बही। शहीद जवान राम प्रवेश वर्तमान में कुपवाडा के केरन सेक्टर में तैनात थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े रामप्रवेश 2006 में एसएसबी में भर्ती हुए थे। फौज में भर्ती होने के बाद रामप्रवेश बिहार के विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे।
जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधिया तीव्र होने के चलते छः माह पूर्व रामप्रवेश को कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में तैनात किया गया था। बुधवार को शाम सीमा की रखवाली करते हुए समय घात लगाकर आतंकियों ने हमला कर दिया।
रामप्रवेश के पिता लाल बचन यादव बेटे की शहादत की खबर सुन अवाक रह गए। वहीं पत्नी चिंता देवी का रोते रोते बुरा हाल था। रामप्रवेश के दो पुत्र आयुष (7) और आशीष (4) हैं। माता विद्यावती देवी की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
रामप्रवेश की शहादत की खबर क्षेत्र में जंगल की आग की तरफ फैल गई और उनके आवास पर लोगों का तांता लग गया। गुरुवार देर शाम तक शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गुरुवार सुबह घटना की जानकारी के बाद शहीद रामप्रवेश यादव के आवास पर राजनेताओं, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और राष्ट्र प्रेमियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
सभी की आंखें नम थी साथ ही पाक के प्रति गहरा आक्रोश भी था। बावजूद सभी को बेल्थरारोड के सपूत की शहादत पर गर्व था। सांसद रविंद्र कुशवाहा शहीद के आवास पहुंच शोक संवेदना प्रकट की।
कुशवाहा ने सांसद निधि से ग्राम में प्रवेश मार्ग पर शहीद द्वार के निर्माण की घोषणा की। संसद ने बताया कि शहीद की स्मृति को जीवंत बनाने के लिए शहीद स्मारक के साथ ही गांव की सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा ।