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पूर्वांचल में जड़ें जमा चुका है टेरर फंडिंग गैंग, गिरफ्तार 59 आरोपियों में से चार हैं यहां से

Thu, 20 Feb 2020 12:56 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
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अवैध साफ्टवेयर के जरिये रेल टिकटों की कालाबाजारी में गिरफ्तार सत्यवान उपाध्याय ऊर्फ बाबा से आरपीएफ को कई चौंकाने वाली जानकारियां आरपीएफ को मिली है। पूछताछ में उसने पूर्वांचल भर में सहयोगियों की मदद से टिकटों की कालाबाजारी की बात कबूली है।

 

आरपीएफ के एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार सत्यवान उपाध्याय वाराणसी के अस्सी इलाके का रहने वाला है। चार-पांच सालों से वह रेलवे टिकट की कालाबाजारी में कर रहा था। पूछताछ में पता चला है कि सत्यवान टेरर फंडिंग करने वाले हामिद गैंग से जुड़ा रहा है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह गैंग के किन सक्रिय सदस्यों के संपर्क में रहा।

 

वहीं, हामिद गैंग के लिए काम करने वाले मऊ के तीन युवकों को आरपीएफ ने 27 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इनमें मऊ जिले के थाना मझवारा निवासी अमित कुमार गुप्ता (25), थाना कोपागंज के इंदरा निवसी नंदकुमार गुप्ता और थाना घोसी के नदवा सराय का अब्दुल रहमान (32) शामिल है।

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रेलवे टिकट काउंटर - फोटो : सोशल मीडिया

हामिद की गैंग में पूर्वांचल के कई युवक हैं शामिल

आरपीएफ के अनुसार, अवैध साफ्टवेयर के जरिए सैकड़ों तत्काल टिकट निकालने वाले हमीद के गिरोह में बनारस, आजमगढ़, मऊ और बस्ती के युवक शामिल है। इस गैंग की सक्रियता के चलते स्थानीय स्तर पर भी आरपीएफ जांच में जुट गई है। बताते चलें कि आरपीएफ अलग-अलग शहरों से 59 आरोपियों को तत्काल टिकट कालाबाजारी करने और आंतकी संगठनों से जुड़कर टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।

कैंट स्टेशन सहित आसपास इलाकों में चल रहा रैकेट

कैंट रेलवे स्टेशन सहित आसपास इलाकों में तत्काल टिकट का खेल चल रहा है। चार दिन पहले ही आरपीएफ ने नई सड़क से सुमित नाम के एक एजेंट कोे उठाया था। उसके पास से 22 ई-मेल आईडी और कुछ टिकट बरामद हुए थे।
 
 
अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए अब टिकट बुक नहीं हो रहे हैं। अधिकतर ऐसे सॉफ्टवेयर ब्लॉक कर दिए गए हैं। कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। यात्रियों को अब रेल टिकट आराम से मिल रहे हैं।
अनूप सिन्हा, इंस्पेक्टर, आरपीएफ कैंट

 

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