दुनिया भर के पर्यटकों को लुभाने वाली मोक्षदायिनी गंगा किनारे बसी टेंट सिटी को देखने के लिए अधिवक्ताओं का एक दल रविवार को वाराणसी पहुंचा। उनका दावा है कि टेंट सिटी के पास कचरे का ढेर पड़ा है। इसे बसाने के लिए जल शक्ति मंत्रालय और नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है।
पांच सदस्यीय दल के साथ आए एडवोकेट विजय चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि टेंट सिटी सात एकड़ में बसी है। इसके लिए अहमदाबाद की कंपनी से करार हुआ है। निरीक्षण में कमियां मिली हैं। इसके फोटोग्राफ लिए गए हैं। पूरी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। मामले की सुनवाई दो मई को हो सकती है।