प्रतिदिन शहर से निकलता है 1300 टन कूड़ा
नगर निगम के अनुसार शहर से प्रतिदिन 1200 से 1300 टन कूड़ा निकलता है। इसमें 40 प्रतिशत गीला, 35 प्रतिशत सूखा, 15 प्रतिशत खतरनाक तथा 10 प्रतिशत बायोमेडिकल कचरा शामिल होता है। अधिकांश कूड़ा मिश्रित रूप में आता है, जिसे करसड़ा प्लांट में अलग-अलग श्रेणियों में छांटा जाता है।
बांटे जा रहे चार प्रकार के डस्टबिन: कचरे के लिए चार प्रकार के डस्टबिन वितरित किए जा रहे हैं। हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा, नीले रंग के डस्टबिन में सूखा कचरा, लाल रंग के डस्टबिन में बायोमेडिकल कचरा और काले रंग के डस्टबिन में घरेलू खतरनाक कचरा रखने की व्यवस्था है।
दो महीने बाद शहर में एक भी कूड़ाघर नहीं रहेगा। 27 में से 23 कूड़ाघर बंद कराए जा चुके हैं। शेष चार कूड़ाघरों को भी बंद कराने की दिशा में काम चल रहा है। - अशोक कुमार तिवारी, मेयर