आज के समय संपूर्ण देश में जिस तरह से हिंदू राष्ट्र की चर्चा हो रही है, उस प्रकार से हिंदू राष्ट्र के विरोध में दुष्प्रचार भी किया जा रहा है। हम विशुद्ध सनातन धर्म पर आधारित रामराज्य की व्यवस्था के पक्षधर हैं। आनेवाले समय में गांव-गांव में हिंदू राष्ट्र की मांग का उद्घोष के लिए अभियान चलाना है। यह कहना है हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक डॉ. चारुदत्त पिंगले का। उन्होंने कहा कि हमें लोकतंत्र में धर्मनिष्ठ राजकर्ता चाहिए और उसे भी राजकार्य करने के लिए धर्मोपयोगी मार्गदर्शन करने की व्यवस्था चाहिए।
वह हिंदू जनजागृति समिति की ओर से शनिवार को सारनाथ में आयोजित दो दिवसीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन का शुभारंभ के बाद अखिल भारतीय विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. कामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि हिंदू राष्ट्र के लिए अलग संविधान बनना चाहिए। भारत के हिंदू राष्ट्र घोषित होते ही विश्व के किसी भी भाग में स्थित हिंदुओं के समस्याओं का निराकरण होगा। विश्व के किसी कोने में अगर हमारा हिंदू भाई बहन दुखी रहता है तो वह दुख हमें भी होना चाहिए, उसकी रक्षा के लिए हमें समर्पित रहना चाहिए। मंदिरों की सुरक्षा एवं सरकारीकरण से मुक्ति के लिए ‘मंदिर-न्यास परिषद’ निर्माण करने का आह्वान हिंदू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु निलेश सिंगबाल ने किया। अधिवेशन में हिंदू जनजागृति समिति के प्रेरणास्रोत डॉ. जयंत आठवले द्वारा प्रेषित शुभ संदेश का वाचन किया गया। इसके बाद संतों ने सनातन पंचांग एंड्राॅयड पंचांग 2024 का विमोचन किया। अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, असम, बंगाल, दिल्ली एवं नेपाल से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।