सूबे में शराब की बिक्री पर रोक लगाने, गंगा को अविरल और निर्मल बनाने तथा सशक्त लोकपाल की मांग के साथ मंगलवार को नारी चेतना शक्ति काशी की इकाई ने संकल्प सभा की। सभा में सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों के साथ जदयू के महासचिव सांसद केसी त्यागी ने गंगाजल लेकर निर्णायक जन आंदोलन छेड़ने का संकल्प लिया। इस मौके पर त्यागी ने कहा कि मोदी सरकार को पूरे देश में शराबबंदी लागू करना चाहिए।
नारी चेतना शक्ति की महासचिव श्वेता राय ने कहा कि काशी की महिलाएं देश में शराबबंदी को लेकर चलने वाले आंदोलन को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएंगी। सभा में आल इंडिया बुनकर फोरम के अध्यक्ष मो. अकरम, छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के संयोजक विवेक यादव, किसान खेत मजदूर कांग्रेस के संयोजक विनय शंकर राय, प्रबोधिनी फाउंडेशन के दिलीप मिश्र, छात्रनेता नीरज सिंह, अमित राय, अशोक यादव, साझा संस्कृति मंच के धनंजय त्रिपाठी, काजल, सविता बरनवाल, शशि राय, किरन सिंह, आनंद प्रकाश तिवारी, गुमटी व्यवसायी कल्याण समिति के चिंतामणि सेठ, आशीष शुक्ला, कौशल राय आदि मौजूद थे।
‘साजिश के तहत भाजपा ने उछाला कैराना मुद्दा’
केसी त्यागी ने कहा कि अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने के इरादे से भाजपा ने कैराना मुद्दे को उछाला है। भाजपा सांसद हुकुम सिंह की आधी-अधूरी रपट को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने चुनावी मुद्दा बनाकर लोकतंत्र को शर्मसार किया है। कहा, राजनीतिक दलों का एक प्रतिनिधिमंडल कैराना भेजा जाना चाहिए, ताकि वहां हुए पलायन का सच सामने आ सके।
कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि कैराना के हिंदू पलायन को बाध्य क्यों हुए? क्या वे रोजगार की तलाश में गए या मुसलमानों की वजह से उन्हें घर-बार छोड़ना पड़ा? कहा कि रपट बता रही है कि हिंदू और मुसलमान दोनों का पलायन हुआ है।