राजातालाब तहसील में अधिवक्ताओं का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को अधिवक्ता व तहसीलदार आमने-सामने हो गए। शनिवार से अधिवक्ताओं ने जनपद के अन्य जिलों में जोरदार धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। राजातालाब में अधिवक्ता शेड की बिजली काटे जाने तथा अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप में धरना चल रहा है।
अधिवक्ता और तहसीलदार एक दूसरे पर नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगा रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुछ अधिवक्ता धरना स्थल पर ही बैठे हुए थे। प्रशिक्षु उप जिलाधिकारी मीनाक्षी पांडेय ने आते ही शांतिपूर्ण धरना कर रहे अधिवक्ताओं से असंसदीय भाषा में बात की। तहसीलदार ने उन्हें परिसर से बाहर जाकर धरना प्रदर्शन करने को कहा।
अधिवक्ताओं ने तहसीलदार का धरना प्रदर्शन स्थल पर टहलते और कुछ बोलते हुए एक वीडियो भी वायरल किया है। बार के अध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा व महामंत्री नंद किशोर सिंह ने कहा कि धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान सुनील कुमार सिंह, सर्वजीत भारद्वाज, छेदी लाल यादव, प्रदीप कुमार सिंह, रामजी पटेल, चंद शेखर उपाध्याय, आनंद कुमार पाल, प्रीति सिंह आदि मौजूद रहे।
बोलीं तहसीलदार
सरकारी बिजली से चला रहे थे माइक, मना करने पर तहसील कर्मियों से किया दुर्व्यवहार
तहसीलदार मीनाक्षी पांडे का कहना है कि अधिवक्ता उनके कार्यालय से सटकर धरना प्रदर्शन व सभा कर रहे थे। जिसके लिए तेज आवाज में लाउडस्पीकर बज रहा था और उसको चलाने के लिए बिजली तहसील परिसर से ली गई थी। बिजली कनेक्शन जोड़े जाने को लेकर तहसील कर्मियों ने विरोध किया था। कर्मियों के साथ अधिवक्ताओं ने धक्का-मुक्की और जोर जबरदस्ती की। तहसीलदार का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और मनगढ़ंत है। अधिवक्ता न्यायालय कार्य के दौरान और असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने मना किया था और टोका था उसी को लेकर यह मामला चला है।
समर्थन में उतरे पिंडरा के वकील
पिंडरा। राजातालाब तहसीलदार द्वारा वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार व अमर्यादित टिप्पणी करने से नाराज पिंडरा तहसील के वकीलों ने भी नारेबाजी की और विरोध जताया। शुक्रवार को अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। तहसीलदार बार पिंडरा के वकीलों की लाइब्रेरी भवन में बार अध्यक्ष जवाहर लाल वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें राजातालाब बार एसोसिएशन द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लेते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित हुआ। उसके बाद नारेबाजी करते हुए एसडीएम पिंडरा गिरीश कुमार द्विवेदी के पास पहुचे और न्यायिक कार्य से विरत रहने का पत्रक दिया।