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कोरोना संक्रमण काल में संभल कर रहें किशोर और बच्चे

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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में कम उम्र के बच्चों और किशोरों को सबसे अधिक खतरा है। कोरोना सैंपल की जांच रिपोर्ट में भी 13 से 18 आयु वर्ग में संक्रमण का प्रतिशत सबसे अधिक मिला है। बाल रोग विशेषज्ञों ने अभिभावकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। कोरोना की पहली लहर ने बुजुर्गों को शिकार बनाया था। दूसरी लहर में युवाओं के बाद अब तीसरी लहर में बच्चों और किशोराें पर खतरा बताया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि तीसरी लहर अब चंद महीने दूर है। कोरोना से बच्चों का संक्रमित होना परिवार के लिए चुनौती होगी। ऐसा इसलिए है कि बच्चे बाहर खेलते हैं, हालांकि बच्चों के बीच जोखिम के सबूत नहीं के बराबर हैं लेकिन वायरस से संक्रमित होने के बाद उनके अंदर ब्लैक फंगस की आशंका हो सकती है। 10 जून तक हुई 8395 बच्चों की आरटीपीसीआर जांच में सबसे अधिक 11 संक्रमित बच्चों की आयु 13 से 18 साल के बीच है। 0 से पांच साल में तीन और 6 से 12 साल में 8 बच्चे संक्रमित मिले हैं। मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद हैं। ऐसे में बहुत अधिक गतिविधियों पर रोक लगी है। छोटे बच्चों की तुलना में 13 से 18 साल के बच्चे बाहर निकल रहे होंगे। ऐसे में मास्क अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। बच्चों की सेहत पर अभिभावकों को भी ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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ये बरतें सावधानी
बहुत जरूरी न हो तो बच्चों को बाहर नहीं निकलना चाहिए।
मास्क लगाए तो यह ध्यान देना चाहिए कि मुंह, नाक पूरी तरह से ढंका है।
बाहर किसी से बात करते समय मास्क को नीचे करने से भी बचना चाहिए।
घर के लोग बाहर से आते समय बिना सैनिटाइजेशन के बच्चों को हाथ न लगाएं।
12 साल से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता को टीका जरूर लगवाना चाहिए।
आयु सैंपल पॉजिटिव
0-5 2306 3
6-12 3132 8
13-18 2957 11
दो से तीन दिन बाद जाहिर होते हैं ब्लैक फंगस के लक्षण
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक फंगस के लक्षण कोविड-19 से ठीक होने दो से तीन दिन बाद जाहिर होते हैं। अगर बच्चा कुपोषित है या कुछ अन्य बीमारी है, तो उसे स्किन की बीमारी की भी संभावना है। अगर बच्चे को उचित इलाज नहीं मिलता है तो संक्रमण का खतरा है। उनका कहना है कि बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होती है, लेकिन वायरस के रूपों में आ रहे बदलाव के कारण जरूरी हो गया है कि हम सभी कोविड-19 से जुड़ी सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करें। साथ ही बच्चों को सही सलामत रखने के लिए सावधानी बरतें।
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