पुलिस ने पहले विपक्षियों की ओर से ही केस दर्ज किया। बाद में उनकी तहरीर ली गई। गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद भी मारपीट की सामान्य धाराओं में एनसीआर दर्ज किया। पुलिस के इस रवैये के कारण ही विपक्षी उन्हें आए दिन धमकाते रहे हैं। वह एक दिन पहले तक खुलेआम गांव में घूमते रहे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई।
अब उनका कहना है कि वह तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती। सूचना पाकर अलसुबह ही शाहगंज सीओ जितेंद्र दुबे गांव पहुंचे। गणमान्य लोगों को साथ लेकर परिजनों को मनाने की कोशिश चलती रही, मगर परिजन राजी नहीं हो रहे थे।
बात बनती न देख पुलिस ने गांव में शाहगंज, सरपतहा थाने की फोर्स के अलावा पीएसी की तैनाती कर दी गई। सीओ ने बताया कि मारपीट के मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाई गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।