विकास और सुधार कार्यों में हर रोज नए-नए घपले-घोटाले सामने आ रहे हैं। रविवार को वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे को पुष्कर कुंड और पिशाच मोचन कुंड के निरीक्षण में तमाम तरह की खामियां मिलीं। दोनों कुंडों की मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये से ज्यादा मंजूर किए गए थे और इसमें से ज्यादातर धन खर्च हो चुका है। खरे ने कहा है कि दोनों कुंडों के कार्यों की तीन सदस्यीय तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी।
पुष्कर कुंड की मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए 346.35 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें से 330.17 लाख खर्च हो चुके हैं। फिर भी पाया गया कि परिक्रमा पथ और घाट का निर्माण अधूरा है। परिक्रमा पथ पर लगाए गए पत्थर समतल नहीं हैं। रेलिंग के जोड़ सही से नहीं लगाए गए हैं। रिटेनिंग वाल में दरार आ गई है। बिजली के पोल, लाइट, बेंच का काम अधूरा है। ताज्जुब की बात यह भी कि खरे को कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस की ओर से योजना की डीपीआर तक नहीं दिखाई जा सकी। इस पर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी के साथ 15 दिन में अधूरे कार्य पूरे कराने को कहा। नगर निगम को जर्जर टायलेट को ठीक कराने, घाट पर गंदा पानी रोकने और कुंड की सफाई कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद वीडीए उपाध्यक्ष ने पिशाच मोचन कुंड भी बदहाली और वहां की बदइंतजामी भी देखी। यहां 664.46 लाख रुपये खर्च कर दिए गए हैं लेकिन स्टार्म ड्रेनेज वाटर की व्यवस्था नहीं की गई है। रिटेनिंग वाल में वीप होल नहीं बनाए गए हैं। 32 के स्थान पर 14 सीसी बेंच ही लगाए गए थे। इन खामियों पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही संबंधितों को कड़ी हिदायत दी।