बीएचयू परिसर में रविवार को किशोरी के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है। पत्रकारिता विभाग में काउंसलिंग खत्म होने के बाद वहां से गुजर रही महिला शिक्षक ने युवकों की हरकतों को देखा तो इसकी सूचना तत्काल चीफ प्रॉक्टर आफिस को दी।
कुछ ही देर बाद पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोग नशे में धुत तीन युवकों को ले आए और करीब दो घंटे बाद माफीनामा के बाद छोड़ा गया। परिसर में इन दिनों स्नातक, स्नातकोत्तर की काउंसलिंग की वजह से छात्र-छात्राओं की भीड़ लग रही है।
परिसर के भीतर सुसुवाही गेट के पास तीन युवक एक किशोरी के साथ छेड़खानी कर रहे थे। दबाव में किशोरी कुछ नहीं बोल पा रही थी। आरोप है कि यहीं पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर दो सुरक्षा कर्मी भी रहे लेकिन उन्होंने युवकों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इसी बीच पत्रकारिता विभाग की महिला शिक्षक डॉ. शोभना नार्लीकर काउंसलिंग से वापस लौट रही थी। उन्होंने युवकों को देखा तो इसकी जानकारी तत्काल चीफ प्रॉक्टर आफिस में कंट्रोल रूम को दी, इसके बाद पहुंचे बोर्ड के सदस्य तीनों युवकों को आफिस ले आए।
डॉ. नार्लीकर ने बताया कि किशोरी संग छेड़खानी के साथ ही ये युवक वहां से आती-जाती महिलाओं पर भी फब्तियां कस रहे थे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि किशोरी के साथ छेड़खानी की कोई सूचना नहीं है।
डॉ. नार्लीकर की सूचना मिलते ही टीम भेजकर तीन युवकों को आफिस ले आया गया, इसमें एक नाबालिग भी था। यहां उनसे परिसर में श्रमदान कराने के साथ ही दुबारा कैंपस में न आने का माफीनामा और कार्रवाई की चेतावनी देकर छोड़ा गया।