योग्यता असिस्टेंट प्रोफेसर की लेकिन...
जिले के बेसिक स्कूलों में लगभग 100 इंजीनियरिंग, मेडिकल और बैंकिंग सेक्टर के डिग्रीधारी सहायक अध्यापक के रूप में सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा 150 से अधिक पीएचडी डिग्रीधारी हैं।
अमिनी सेवापुरी में सहायक अध्यापिका मलविका राय बीडीएस (बैचलर इन डेंटल सर्जरी) हैं। उनके पति एमएस हैं। उनका अपना अस्पताल है। दूसरे शहर में न जाना पड़े, इसलिए मलविका बेसिक शिक्षिका बनीं।
स्कूल से आने के बाद वह घर पर मरीज भी देखती हैं और कुछ अस्पतालों से अटैच रहकर वह ऑन कॉल भी मरीज देखने चली जाती हैं। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय फूलपुर के शिक्षक डॉ. कुंवर पंकज सिंह और दनियालपुर के डॉ. विनय सिंह पीएचडी करने के बाद प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बने।
हरहुआं के भवानीपुर प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक डॉ. अजीत सिंह, काशी विद्यापीठ ब्लॉक के भुल्लनपुर प्राथमिक विद्यालय की शिक्षक डॉ. रमा रुफइयार, पिलखिनी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक डॉ. अखिलेश यादव, हरहुआं के पिसौर प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक डॉ. गौरव सिंह समेत बेसिक स्कूलों के बड़ी संख्या में पीएचडी डिग्रीधारी बेसिक शिक्षक हैं। जबकि उनकी योग्यता असिस्टेंट प्रोफेसर की थी।