विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चंद्र भूषण सिंह के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो अदालत में शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने चंद्र भूषण सिंह को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने दोषी शिक्षक को दस साल के कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से 70 प्रतिशत पीड़ित को देने का आदेश भी दिया है। अदालत के फैसले के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामला वर्ष 2018 में दर्ज हुआ था और करीब आठ वर्ष बाद अदालत ने इसमें फैसला सुनाया।