सूबे के मुखिया भले ही शिक्षा व्यवस्था को बदलने पर काफी जोर दे रहे हैं लेकिन प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों पर इस बात का बिल्कुल असर नहीं है। ताजा मामला यूपी के चंदौली का है।
यहां बच्चों ने जब गुरूजी से स्कूल नहीं आने का कारण पूछा तो गजब हो गया। गुरूजी न केवल 17 बच्चों का नाम काट दिया बल्कि उन्हें स्कूल से भगा दिया। अभिभावकों जब यह पता चला तो बवाल हो गया। शिकायत सीएम तक की गई है। घटना नौगढ़ विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय लालतापुर में हुई।
मामले में हेडमास्टर ने सफाई दी है कि बच्चों का आधार कार्ड न होने के कारण नाम काटा गया है। इस विद्यालय में 90 छात्र पंजीकृत हैं। अभिभावकों की माने तो यहां तैनात अध्यापक पढ़ाने नहीं आते हैं। कभी कभार पहुंच कर हाजिरी बना लेते हैं।
दो दिन पहले हेडमास्टर राजेश सिंह पहुंचे तो बच्चों ने पूछ लिया कि मास्टर जी आप आकर पढ़ाते क्यों नहीं है। इस पर हेडमास्टर का पारा गरम हो गया। उस समय तो कुछ नहीं कहा लेकिन गुरुवार को हेडमास्टर ने एक साथ 17 बच्चों के नाम काट दिए और बच्चों को स्कूल से भगा दिया।
जांच की जा रही
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- फोटो : demo
नाम काटे जाने के बाद पहली कक्षा का हिमांशु, ओम, शेरू, दूसरी कक्षा की नेहा,श्याम सुंदर, सुरेन्द्र यादव, गुरुप्रसाद, चंद्रेश, नितीश, प्रीति, तीसरी कक्षा के मनीषा, अंशु, चौथी कक्षा के राहुल, सुनीता, रिया, पांचवीं कक्षा की क्षमता, जयहिंद आदि ने घर पहुंच कर अभिभावकों को पूरी बात बताई।
इससे अभिभावक आक्रोशित हो गए। शुक्रवार को अभिभावक स्कूल पर पहुंचे लेकिन अध्यापक नहीं मिले। इस पर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की।
इसके साथ ही सीडीओ और डीएम से भी फोन कर शिकायत की। अभिभावकों का कहना है कि अभी हाल ही में बच्चों को ड्रेस वितरित किया गया है। इसके बाद भी अचानक नाम काट दिया गया।
वहीं हेडमास्टर राजेश सिंह ने बताया कि आधार कार्ड बार बार मांगे जाने के बाद भी छात्र जमा नहीं कर रहे थे। इसी वजह से नाम काटा गया है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी विजय प्रकाश ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जा रही है।