नेशनल हाईवे नंबर दो पर सड़क के किनारे खड़ा भारत पेट्रोलियम का टैंकर बालू लदे ट्रक की जोरदार टक्कर से पलट गया। टैंकर पलटने के साथ ही उसमें भरा हुआ पेट्रोल और डीजल रिसने लगा। थोड़ी ही देर में टैंकर में आग लग गई और उसका पिछला हिस्सा धमाके के साथ फट गया।
उसकी जद में आने से ट्रक भी आग का गोला बन गया। टक्कर के बाद स्टेयरिंग में फंसने के कारण ट्रक का चालक जिंदा जल गया। हादसा शनिवार की देर रात करीब डेढ़ बजे लंका थाना क्षेत्र के मलहिया स्थित विश्वसुंदरी पुल के पास ओवरटेकिंग के चक्कर में हुआ। फायर ब्रिगेड की दस गाडि़यों और चार घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी।
दुर्घटना के चलते हाईवे पर रविवार सुबह आठ बजे तक (साढ़े छह घंटे) आवागमन बाधित रहा। वहीं हादसे की वजह से आसपास की आबादी वाले क्षेत्रों में अफरातफरी की स्थिति रही।
चंदौली के अलीनगर का निवासी चालक ललवीर चौहान अपने खलासी नौशाद के साथ शनिवार दोपहर अलीनगर स्थित भारत पेट्रोलियम के डिपो से पांच हजार लीटर पेट्रोल और 12 हजार लीटर डीजल लेकर चला था। टैंकर के दो चेंबरों में अलग-अलग डीजल और पेट्रोल भरा था। उन्हें सुल्तानपुर जाना था।
वाराणसी सिटी की तरफ आते समय विश्वसुंदरी पुल के पास गुल्ला टूटने से टैंकर सड़क किनारे खड़ा हो गया। चालक और खलासी रात में टैंकर में सो रहे थे। मरम्मत के लिए रविवार की सुबह मिस्त्री को आना था। इसी दौरान रात करीब डेढ़ बजे चोपन से बालू लादकर तेज रफ्तार से आ रहा ओवरलोडेड ट्रक ओवरटेक के चक्कर में टैंकर के पिछले हिस्से से टकरा गया। हादसे में टैंकर पलट गया।
टैंकर का डीजल और पेट्रोल गिरकर बहने लगा। आजमगढ़ के बिलरियागंज के शांतिपुर का निवासी ट्रक चालक शैलेश धरकार (28) सीट और स्टेयरिंग के बीच फंस गया। इसी बीच टैंकर में तेज विस्फोट के साथ आग लग गई। उसकी जद में आने से ट्रक भी जलने लगा। ट्रक के परखच्चे उड़ गए।
आग का गोला बने ट्रक में फंसे खलासी शैलेश के मामा जोगेंद्र और टैंकर चालक ललवीर तथा खलासी नौशाद ने कूदकर जान बचाई। एक राहगीर ने घटना की सूचना सौ नंबर पर दी। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की दस गाडि़यां मौके पर पहुंचीं। चार घंटे तक मशक्कत के बाद रविवार सुबह छह बजे आग बुझाई जा सकी। तब तक ट्रक चालक शैलेश धरकार जिंदा जल चुका था। उसकी मौत की सूचना पर पिता लुट्टुर परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे।