वाराणसी। पांडेयपुर तालाब से अतिक्रमण हटाने के विरोध में बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय लोगों ने चक्काजाम कर दिया। इसके चलते एक घंटे तक दीनदयाल अस्पताल से महावीर मंदिर मार्ग प्रभावित रहा। इसके चलते वाहनों की कतार लग गई। मौके पर नगर निगम के अधिकारी और पुलिस ने समझाकर आवागमन बहाल कराया। इसके बाद जेसीबी लगाकर 50 अतिक्रमण करने वालों का कच्चा और पक्का निर्माण तोड़ा गया। उधर, स्मार्ट सिटी के ठेकेदार ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के लिए कैंट थाने में तहरीर दी है।
विरोध के बावजूद नगर निगम की ओर से पांडेयपुर तालाब से अतिक्रमण ढहाया गया। झुग्गी झोपडि़यों के अलावा कच्चा पक्का निर्माण कराने वालों को पहले ही ढहाने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद निगम के तहसीलदार विनय राय जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने टीम के साथ पहुंचे तो उन्हें विरोध झेलना पड़ा। क्षेत्रीय लोगों के साथ अतिक्रमण करने वाले भी चक्काजाम में शामिल हो गए और पक्का आवास की मांग करने लगे। मामला बिगड़ता देख फोर्स बुलाई गई। लोगों को आदेश व नक्शा दिखाया गया। कहा गया कि अतिक्रमण हटाने में बाधा न बने अन्यथा कार्रवाई होगी। इसके बाद अतिक्रमण ध्वस्त किए गए।
वहीं, स्मार्ट सिटी के ठेेकेदार अनिल कुमार सिंह, इंजीनियर डीपी मिश्र, मोहित सिंह की ओर से कैंट थाने में तहरीर दी गई कि अतिक्रमण हटाने का लोगों ने विरोध किया। जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। टीम के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया।
इनसेट
लहुराबीर, कैंट, अस्सी घाट से भी हटवाए अतिक्रमण
नगर निगम प्रवर्तन दल ने लहुराबीर क्षेत्र में सड़क, पटरी और नाली से अतिक्रमण हटवाया गया। गंदगी फैलाने वालों से 2500 रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके बाद रोडवेज बस स्टैंड से कैंट रेलवे स्टेशन तक अतिक्रमण अभियान चला कर सड़क और पटरी खाली कराया गया। अस्सी घाट पर भी अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही चेतावनी दी गई।
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अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। यदि कोई व्यवधान उत्पन्न करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
एके सिंह, अपर नगर आयुक्त