रसायन शास्त्र से स्नातक और फॉर्मा इंडस्ट्री में काम किए हुए संदीप तिवारी ने पूछताछ में बताया कि बरामद सिंथेटिक ड्रग्स मेफेड्रोन को आम बोलचाल की भाषा में एम-कैट, व्हाइट मैजिक, म्याऊं-म्याऊं और बब्बल के नाम से जाना जाता है। यह प्रतिबंधित ड्रग्स कैथीनॉन ग्रुप से संबंधित मादक पदार्थ है। इसका सेवन गहरे नशे के लिए पार्टियों में किया जाता है।
संदीप ने बताया कि फॉर्मा इंडस्ट्री का काम छोड़ कर वह महाराष्ट्र के ड्रग्स तस्करों से जुड़ कर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त हो गया था। दिसंबर 2018 में मुंबई की एंटी नॉरकोटिक्स सेल ने 100 किलो फेंटाड्रिल नामक नशीले ड्रग्स के साथ उसे गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ ड्रग्स तस्करी का काम करने लगा।
उसे फिर मार्च 2023 में मादक पदार्थ तस्करी में गिरफ्तार किया गया था, वहां से लगभग तीन माह बाद जमानत पर छूट गया था। वह महाराष्ट्र का कुख्यात ड्रग्स तस्कर बना चुका था। उसके विरुद्ध महाराष्ट्र में ड्रग्स तस्करी के चार मुकदमे पंजीकृत हैं। महाराष्ट्र पुलिस के निशाने पर आ जाने के बाद वह लुक-छिप कर जौनपुर के आसपास रहने लगा।