वाराणसी जिले में 4 सितंबर को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में झूले, लड्डू गोपाल की पोशाक, मुकुट, बांसुरी और अष्टधातु की मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। कारोबारी संगठनों के अनुसार, दो दिवसीय त्योहार से करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होगा।
चौक, गोदौलिया, लक्सा, विशेश्वरगंज, चौखंभा और ठठेरी बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। चौखंभा की कारोबारी मोनिका केसरवानी के मुताबिक, बाजार में साधारण सूती और रेशमी पोशाकें 50 रुपये से शुरू होकर भारी जरदोजी, गोटा-पत्ती और कुंदन वर्क वाली डिजाइनर पोशाकें 1,500 से 2,500 रुपये तक बिक रही हैं। लड्डू गोपाल के बैठने के लिए लकड़ी, मेटल, पीतल और मखमली नक्काशीदार झूले 100 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं।
इसके अलावा मुकुट, मोरपंख, मोतियों की माला, चरण पादुका और चांदी व पीतल की बांसुरी की भी खासी मांग है। लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव के लिए माखन, मिश्री, पंचामृत सामग्री, मेवा और तुलसी दल की मांग तेज हो गई है। मिष्ठान्न विक्रेताओं के यहां कान्हा के प्रिय धनिया पंजीरी, मेवा पाग, मखाना पाग और पेड़े के विशेष ऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामानों की कीमतों में 30% तक का उछाल
कोदई चौकी के कारोबारी रविंद्र नाथ बताते हैं कि मंदिरों और झांकियों को सजाने के लिए उपयोग होने वाले इलेक्ट्रॉनिक और डेकोरेटिव उत्पादों पर महंगाई का असर दिख रहा है। निर्माण लागत और परिवहन खर्च बढ़ने के कारण इस बार इलेक्ट्रॉनिक फैंसी लाइट्स, एलईडी झालरों, स्वचालित घूमने वाले झूलों और म्यूजिकल फव्वारों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिन झालरों की कीमत पिछले वर्ष 1,000 रुपये थी, उनकी कीमत अब बढ़कर 1,200 से 1,300 रुपये तक हो गई है।