सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों और निजी लैब में जांच कराने के बाद जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उनका पूरा विवरण स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। पोर्टल पर अपलोड करते समय मरीज की हाल की ट्रेवल हिस्ट्री (यात्रा विवरण) का भी उल्लेख किया जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि उसने हाल ही में कहां की यात्रा की थी। कौन-कौन से लोग मरीज के संपर्क में आए थे, इसे देखते हुए संबंधित मरीज के घरवालों का सैंपल लेने के साथ ही उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की जानकारी स्वास्थ्य टीम देगी।
सरकारी अस्पतालों में जमा होगा सैंपल, आईएमएस बीएचयू देगा आरटीपीसीआर रिपोर्ट
नई व्यवस्था के तहत अगर डॉक्टर किसी मरीज को जांच कराने की सलाह देते हैं तो दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच होगी। यहां स्वास्थ्य टीम संबंधित मरीज का सैंपल लेगी। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि कोरोना काल की तरह सरकारी अस्पतालों से सैंपल एकत्र कर पूरे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा जाएगा। यहां लैब में जांच के बाद आरटीपीसीआर रिपोर्ट मिलेगी। बीएचयू की रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि होने के बाद निर्धारित गाइडलाइन के आधार पर मरीज का इलाज किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में जमा सैंपल को आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थित लैब में भिजवाया जाएगा। यहां जांच के बाद आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने और किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर उसका बेहतर इलाज कराया जाएगा। बीएचयू की लैब को जांच से जुड़े सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत हो गई है। - डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ
विभाग के तहत चलने वाली लैब में स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल की जांच की पूरी व्यवस्था है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो भी बातचीत की जाएगी, संस्थान के नियमानुसार उसके आधार पर कार्रवाई होगी। -प्रो. तुहिना बनर्जी, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, आईएमएस बीएचयू
कहां-कहां करवा सकेंगे निशुल्क जांच
- बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल
- दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल
- मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
- शास्त्री अस्पताल, रामनगर
- स्वामी विवेकानंद अस्पताल, भेलूपुर
यह हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
- तेज बुखार (अक्सर ठंड लगना और कंपकंपी छूटना)
- लगातार सूखी खांसी, गले में खराश या दर्द
- शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द
- गंभीर सिरदर्द, अधिक थकान और कमजोरी
- नाक बहना या बंद होना