भले ही किसी को कष्ट हो लेकिन वह राष्ट्रहित में निर्णय लेने से हिचकते नहीं। सपा और बसपा की लोकप्रियता कब लोगों के बीच थी जनता ने बसपा को निपटाया तो सपा आई, सपा को निपटाया तो बसपा आई। लेकिन इन दोनों ने मिलकर प्रदेश को लूटने का कार्य किया। एक ने कोई और यादव सांसद न बने इसलिए पूरे प्रदेश से चुनाव लड़ा।
कोई मैनपुरी तो कोई बदायूं तो कोई आजमगढ़ और कोई फिरोजाबाद से चुनाव लड़ा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों में कोई वंशवाद को बढ़ावा नहीं देता है। इनके द्वारा गरीबों के कल्याण की अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्हें उनका लाभ भी दिलाया जा रहा है।