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स्वच्छ सर्वेक्षण : नगर निगम वाराणसी ने देश में 24 पायदान की लगाई छलांग, राज्य में तीन स्थान गिरे; वजह जान लें

Fri, 18 Jul 2025 11:02 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी नगर निगम की रैंकिंग राज्य में गिरकर सात पर आ गई। पिछले साल नगर निगम की रैंकिंग चार थी। वहीं गंगा टाउन रैंकिंग में नगर निगम एक नंबर पर था, वह अब दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग बृहस्पतिवार को जारी हो गई। देश में नगर निगम वाराणसी ने 24 पायदान की छलांग लगाते हुए 17वां स्थान हासिल किया, लेकिन राज्य में रैंकिंग गिर गई और गंगा टाउन में पहले पायदान की पदवी छिन गई। राज्य में पिछले साल नगर निगम की रैंकिंग चार थी जो गिरकर सात नंबर पर पहुंच गई। गंगा टाउन रैंकिंग में नगर निगम एक नंबर पर था, वह अब दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी नगर निगम की रैंकिंग से संतुष्ट नहीं दिखे।

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वाराणसी का 17वां स्थान
शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने बृहस्पतिवार को वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण के रैंकिंग की घोषणा की। इसमें देश के सभी 4589 निकायों में वाराणसी नगर निगम को 17वां स्थान प्राप्त हुआ। 2016 से शुरू हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में इस साल नगर निगम का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है।

2016 में 65वां स्थान, वर्ष 2017 में 32वां स्थान, वर्ष 2018 में 29वां, वर्ष 2019 में 70वां, वर्ष 2020 में 27वां, वर्ष 2021 में 30वां, वर्ष 2022 में 21वां, वर्ष 2023 में 41वां मिला था। वहीं गंगा टाउन अवॉर्ड वर्ष 2020 से शुरू हुआ था। इसमें वर्ष 2020 में पहला स्थान, वर्ष 2021 में पहला स्थान, वर्ष 2022 में दूसरा स्थान, वर्ष 2023 में पहला स्थान और वर्ष 2024 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। 
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में सिटी कार्ड में डोर टू डोर कूड़ा उठान पर 98 प्रतिशत, कूड़े के पृथक्कीकरण (सोर्स सेग्रिगेशन) में 63 प्रतिशत, कूड़े का उठान व निस्तारण में 100 प्रतिशत, कूड़े के डंपिंग ग्राउंड के निस्तारण में 100 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्रों में सफाई पर 100 प्रतिशत, बाजारों में सफाई पर 100 प्रतिशत, जलाशयों की सफाई में 100 प्रतिशत, सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की सफाई पर 93 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। 

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नगर आयुक्त ने पूरी टीम को दी बधाई
वहीं, वाराणसी नगर निगम को वाटर प्लस की उपाधि दी गई है, जिसके अंतर्गत रि-वाटर यूज का कांसेप्ट है। एसटीपी या फिकल स्लज से निकलने वाले पानी का पुन: प्रयोग करना होता है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि 17वां स्थान प्राप्त होने पर नगर निगम की पूरी टीम को बधाई। नगर निगम स्वच्छता पर और ताकत से काम करेगा और स्वच्छ सर्वेक्षण में जिन विषयों में कम अंक प्राप्त हुए हैं, उन कमियों को दूर किया जाएगा।

अमर उजाला ने मेयर अशोक तिवारी से पूछे चार सवाल

क्या कमी रह गई
सूखा कूड़ा और गीला कूड़ा को अलग करने में थोड़ा पिछड़े हैं। इसमें हमें 63 नंबर मिले हैं। यदि सूखा और गोला कूड़ा अलग-अलग घरों से मिलते तो हम टॉप टेन में होते।

आगे क्या करेंगे
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही सूखा कूड़ा और गीला कूड़ा अलग-अलग लेने की पूरी तैयारी की गई है ताकि हमें बेहतर अंक मिल सके।

क्या-क्या प्रयास किया था
इस बार नगर निगम ने काफी प्रयास किया था। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया था। इसके अलावा शहर के कई इलाकों में डस्टबिन लगाए गए और तीन कूड़ा घरों को भी समाप्त किया गया।

गंगा टाउन में क्यों पिछड़ गए
प्रयागराज में कुंभ होने के कारण उनका बजट काफी अधिक था। इस नाते वे हमसे आगे निकले हैं। हम लोग हर बार आगे रहते हैं।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में छावनी परिषद यूपी में प्रथम, देश में सातवां स्थान

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छावनी को उत्तर प्रदेश में पहला और देशभर में सातवां स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही क्षेत्र को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा भी मिला है। पिछले साल 20वें स्थान पर रही छावनी ने इस बार बड़ी छलांग लगाई है। मध्य कमान में दूसरा स्थान मिला है। छावनी परिषद अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनिर्वान दत्ता ने बताया कि सेनिटेशन पार्क बनाया जा रहा है। परिषद के सीईओ सत्यम मोहन ने सफाईकर्मियों को सफलता के लिए बधाई दी।

उन्होंने बताया कि छावनी परिषद की ओर से घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटकों और प्लास्टिक जागरूकता रैलियों के माध्यम से जनसंपर्क अभियान चलाया गया। छावनी क्षेत्र में कचरा प्रभावित इलाकों का सुंदरीकरण किया गया, पौधरोपण और सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक जैसे उपाय लागू किए गए।
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