स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में सिटी कार्ड में डोर टू डोर कूड़ा उठान पर 98 प्रतिशत, कूड़े के पृथक्कीकरण (सोर्स सेग्रिगेशन) में 63 प्रतिशत, कूड़े का उठान व निस्तारण में 100 प्रतिशत, कूड़े के डंपिंग ग्राउंड के निस्तारण में 100 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्रों में सफाई पर 100 प्रतिशत, बाजारों में सफाई पर 100 प्रतिशत, जलाशयों की सफाई में 100 प्रतिशत, सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की सफाई पर 93 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं।
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नगर आयुक्त ने पूरी टीम को दी बधाई
वहीं, वाराणसी नगर निगम को वाटर प्लस की उपाधि दी गई है, जिसके अंतर्गत रि-वाटर यूज का कांसेप्ट है। एसटीपी या फिकल स्लज से निकलने वाले पानी का पुन: प्रयोग करना होता है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि 17वां स्थान प्राप्त होने पर नगर निगम की पूरी टीम को बधाई। नगर निगम स्वच्छता पर और ताकत से काम करेगा और स्वच्छ सर्वेक्षण में जिन विषयों में कम अंक प्राप्त हुए हैं, उन कमियों को दूर किया जाएगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छावनी को उत्तर प्रदेश में पहला और देशभर में सातवां स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही क्षेत्र को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा भी मिला है। पिछले साल 20वें स्थान पर रही छावनी ने इस बार बड़ी छलांग लगाई है। मध्य कमान में दूसरा स्थान मिला है। छावनी परिषद अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनिर्वान दत्ता ने बताया कि सेनिटेशन पार्क बनाया जा रहा है। परिषद के सीईओ सत्यम मोहन ने सफाईकर्मियों को सफलता के लिए बधाई दी।
उन्होंने बताया कि छावनी परिषद की ओर से घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटकों और प्लास्टिक जागरूकता रैलियों के माध्यम से जनसंपर्क अभियान चलाया गया। छावनी क्षेत्र में कचरा प्रभावित इलाकों का सुंदरीकरण किया गया, पौधरोपण और सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक जैसे उपाय लागू किए गए।