असम के जोरहाट यूनिट के लापता वायुसेना के विमान में सवार सभी 13 लोगों की मौत की पुष्टि वायुसेना ने कर दी है। वायुसेना के प्रवक्ता ने गुरुवार को लापता सभी सैनिकों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। मृतकों में शामिल बलिया के सूरज सिंह के परिजनों को सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। सूरज की मां, पिता और दादी समेत गांव के लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
आंखों में आंसू लिए सूरज के पिता विनोद सिंह ने कहा था कि काश सूरज 15 दिनों की जगह 24 दिनों की छुट्टी पर रहा होता तो शायद इस हादसे से बच जाता। तीन माह पहले सूरज की शादी शालू से हुई थी। सूरज विवाह के बाद पहली बार बीते 12 मई को आए थे और 25 मई को लौट गए थे।
पत्नी शालू और सूरज (फाइल फोटो)
वायु सेना का यह विमान तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया था। इस विमान में आठ क्रू मेंबर समेत 13 लोग सवार थे। इसमें बलिया के शोभाछपरा निवासी एयरफोर्स के जवान सूरज सिंह भी थे।
परिजनों का कहना है कि सूरज जब गांव आते थे तो गांव के युवाओं को डिफेंस में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। इस बार भी उन्होंने बताया था कि अगस्त में आएंगे तो युवाओं को तैयारी कराएंगे। सूरज, अपने दोनों छोटे भाई विक्रांत और प्रिंस को भी डिफेंस में जाने के लिए कहते थे। सूरज कहते थे कि देश की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है