भाजपा विधायक श्याम देव राय चौधरी दादा
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पीएम के संसदीय क्षेत्र की दक्षिणी विधानसभा से सात बार के भाजपा विधायक श्याम देव राय चौधरी दादा का टिकट कटने से समीकरण बदल गए हैं। कार्यकर्ताओं का एक धड़ा पार्टी के इस फैसले से नाराज है।
वहीं, कैंट, रोहनिया, शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। माना जा रहा है कि दादा का टिकट कटने से बदले समीकरणों का असर शहर दक्षिणी के अलावा उत्तरी और कैंट विधानसभा क्षेत्र पर भी पड़ सकता है और भाजपा की चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
बीते 2012 के विधानसभा चुनाव में हुए नए परिसीमन में दक्षिणी का कुछ हिस्सा कैंट और उत्तरी में चला गया था।
जो हिस्से दक्षिण से कटे, उन्हें भाजपा का गढ़ माना जाता है। जबकि करीब एक नए मुस्लिम मतदाताओं वाला क्षेत्र दक्षिणी में आ गया।
हालांकि उस बदली परिस्थिति और सपा लहर के बावजूद दादा ने लगातार सातवीं बार यह सीट जीतकर भाजपा को दी थी।
अधिक उम्र का हवाला देते हुए पार्टी ने दादा को इस बार टिकट नहीं दिया।
इससे दादा के समर्थक नाराज हैं। पार्टी के अंदरखाने भी इसे लेकर चिंता पसरी है।
चर्चा है कि दादा का टिकट कटने के बाद के माहौल के मद्देनजर जल्द ही पार्टी की कोई उच्चस्तरीय कमेटी या कोई बड़ा पदाधिकारी यहां आ सकता है।
पार्टी में इसकी भी चर्चा है कि जब उत्तरी से रवींद्र जायसवाल का टिकट नहीं कटा और कैंट से ज्योत्सना श्रीवास्तव के बेटे को टिकट दिया गया।
ऐसे में दादा को ही दरकिनार क्यों कर दिया गया।