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Varanasi News: नसबंदी के बाद जमीन पर लिटाने के मामले में अधीक्षक हटाए गए, नर्सिंग स्टाफ का रोका वेतन

Sun, 14 Dec 2025 04:57 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सीएचसी पर नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लेटाने के मामले में सीएमओ ने अधीक्षक को तलब किया था। आशाओं ने इस पर अपना विरोध भी दर्ज कराया था। वहीं, परिजनों ने भी नाराजगी व्यक्त की थी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिसिरपुर में जमीन पर लेटीं महिलाएं। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ठंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिसिरपुर में महिलाओं की नसबंदी कर जमीन पर लिटाने के मामले में सीएचसी के अधीक्षक और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोनों को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई है। इसके अलावा सीएचसी पर तैनात सभी नर्सिंग स्टाफ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही वेतन रोक दिया गया है।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर महिलाओं और पुरुषों की नसबंदी कराई जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को सभी तरह की सुविधाएं समय से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश भी पिछले दिनों सीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में दिए गए थे। 

इसके बावजूद शुक्रवार को सीएचसी मिसिरपुर में महिलाओं की नसबंदी के बाद उन्हें जमीन पर लिटा दिया गया। इस पर महिलाओं के परिजनों ने आपत्ति जताई और नसबंदी के लिए महिलाओं को लेकर आईं आशाओं ने भी विरोध किया था।

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खबर का आसर

अमर उजाला में शनिवार को प्रकाशित इस खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएमओ ने बताया कि अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह को उनके पद से हटाकर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। अब वे इसी सीएचसी में मेडिकल अफसर के रूप में कार्य करेंगे। 

यहां डॉ. अंबुज गुप्ता को अधीक्षक बनाया गया है। सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र चौहान को सीएचसी मिसिरपुर से हटाकर पिंडरा भेज दिया गया है। उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अलावा स्टाफ नर्सों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही उनका वेतन भी रोका गया है।
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एंबुलेंस से सामान ढोने के मामले में सीएमएस को नोटिस
दीनदयाल अस्पताल में मरीजों को लाने और ले जाने वाली एंबुलेंस से सामान ढुलाने के मामले में अस्पताल के सीएमएस को नोटिस जारी किया गया है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एनडी शर्मा ने सीएमएस से दो दिनों के भीतर उनसे जवाब मांगा है। अमर उजाला में एक दिन पहले खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्शन में आया है। अस्पताल में इस तरह का प्रकरण सामने आने के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। 

इस मामले में सीएमएस डॉ. आरएस राम ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि उक्त एंबुलेंस पुरानी है। कुछ जरूरी दवाएं समाप्त हो गई थीं। जिसे शिवपुर स्थित वेयरहाउस से मंगाया गया था। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। सीएमएस से लिखित जवाब मांगा गया है। इस प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 
 
सीएचसी पर ओपीडी, वार्ड में ड्यूटी के साथ ही नसबंदी सहित अन्य कार्यों में लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को मरीजों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत सीएमओ कार्यालय को जानकारी देने को कहा गया है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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