वाराणसी जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का भले ही दावा किया जाता है लेकिन हकीकत यह है कि मरीजों से इलाज के नाम पर स्टाफ नर्स से लेकर अन्य कर्मचारी बेधड़क रुपये मांग रहे हैं। सीएचसी गंगापुर पर तैनात दो स्टाफ नर्स ने गर्भवती महिला के परिजनों से ऑपरेशन के लिए 2000 रुपये मांगे। वहीं, मामूली चोट में घायल होकर पहुंचे एक मरीज से टांके के लिए स्टाफ नर्स ने 50 रुपये मांग लिए।
कुछ ऐसे ही आरोप लगाकर सोमवार को मरीजों के परिजनों के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं ने सोमवार ने सीएचसी पर प्रदर्शन किया। मामला सामने आया तो सीएमओ ने इसे लापरवाही मानते हुए दो स्टाफ नर्स संयोगिता सिंह व वैशाली मौर्या और सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र बिंद को हटा दिया। उन्हें प्रतिकूल प्रवृष्टि देने के साथ ही उनकी वेतन बढ़ोतरी भी रोक दी गई है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएचसी पर गंगापुर और आसपास के गांवों से हर दिन 100 से अधिक मरीज ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी में आते हैं। इसमें गर्भवती महिलाएं भी डिलीवरी के लिए आती है। यहां डिलीवरी से लेकर इमरजेंसी में टांका लगाने के लिए रुपये मांगे जाने की शिकायत कई बार मरीज व उनके परिजन कर चुके थे। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को सीएचसी पर कांग्रेस, आप, सपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में राजीव कुमार राम, अक्षय राजभर, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्याम मोहन गुप्ता, रामसनेही पांडे, बृजेश पटेल, पप्पू सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
केस-1
शनिवार को मुलका गांव निवासी महेंद्र गिरी अपनी पत्नी की डिलीवरी करवाने पहुंचे। बताया कि सीएचसी पर पहुंचने पर स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन की बात कहकर 2000 रुपये की मांग की। किसी तरह कर्ज लेकर 2000 रुपये दिया तब जाकर डिलीवरी हुई।
केस-2
गंगापुर निवासी छेदी शर्मा के हाथ में चोट लग गई थी। सीएचसी पर इलाज करवाने पहुंचे। यहां स्टाफ नर्स ने टांका लगाने की बात कही। छेदी का कहना है कि इसके लिए उनसे 50 रुपये की मांग की गई। इसकी शिकायत भी अधीक्षक से की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 50 रुपये देना ही पड़ा।
क्या बोले अधिकारी
सरकारी अस्पताल हो या स्वास्थ्य केंद्र। हर जगह मरीजों के लिए निशुल्क जांच, इलाज, दवा, ऑपरेशन की सुविधा है। सीएचसी पर लापरवाही बरतने पर अधीक्षक, दोनों स्टाफ नर्स को हटा दिया गया है। विभागीय जांच भी करवाई जाएगी। इस तरह की लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ