कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने ट्वीट किया- "हमारी भाषाएं और संस्कृति हमारी विशेषता हैं। संस्कृत भाषा में लिखा गया है, सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:।
दूसरे ट्वीट में कहा— सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस संवैधानिक अधिकारी की रक्षा करनी चाहिए।"
बॉलीवुड एक्टर और भाजपा के पूर्व सांसद परेश रावल ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा है कि बीएचयू में संस्कृत के लिए प्रोफेसर पद पर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर हो रहे विरोध से स्तब्ध हूं। भाषा का धर्म से क्या मतलब है? विडंबना है कि फिरोज खान ने अपनी पीएचडी संस्कृत से की है। भगवान के लिए ये बेतुकी बातें करना बंद कीजिए।
वहीं उन्होंने अपने एक और ट्वीट में कहा कि फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर जो तर्क दिया जा रहा है, उसी तर्क को मान लिया जाए तो गायक मोहम्मद रफ़ी को कोई भजन नहीं गाना चाहिए था और नौशाद साब को कोई भजन नहीं लिखना चाहिए था।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा कि क्या यही हमारे देश में आया है? कोई भी सच्चा संस्कृतिकर्मी किसी भी धर्म के लोगों पर गर्व करेगा जो इस प्राचीन भाषा में महारत हासिल करेंगे।
किस धर्म की जुबान क्या होगी
चलो अब ये भी छांट लेते हैं
मंदिर-मस्जिद में बंट गई धरती
अब जुबानें भी बाँट लेते हैं।