उप जिलाधिकारी राजातालाब ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। चिरईगांव विकासखंड के नवापुर (सथवा) निवासी अजय कुमार चौधरी की शिकायत में उनके पुत्र और पत्नी के निवास प्रमाणपत्र गलत तरीके से निरस्त किए जाने की बात सामने आई। जांच में पाया गया कि संबंधित लेखपाल ने अभिलेखों का सत्यापन किए बिना ही रिपोर्ट लगा दी थी। इस पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई।
इसी तरह हरहुआ क्षेत्र में ग्राम सभा में शिकायतकर्ता आशुतोष कुमार सिंह की शिकायत पर बिना मौके पर गए और शिकायतकर्ता से संपर्क किए बिना ही रिपोर्ट भेज दी गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और जुलाई माह का वेतन रोक दिया।
फुलवरिया और सदर क्षेत्र से नई सीवर लाइन बिछाने की मांग से जुड़ी दो शिकायतों में जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क किए बिना ही रिपोर्ट भेज दी। इसमें लिखा गया कि विस्तृत परियोजना शासन को भेजी जा चुकी है और स्वीकृति के बाद कार्य होगा। इस लापरवाही पर संबंधित अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एक अन्य मामले में सारनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और सुरक्षा गार्ड द्वारा पैसे मांगने और उपचार नहीं करने की शिकायत की भी समीक्षा की गई। मामले में सीएमओ को पत्र भेजकर सुरक्षा गार्ड को तत्काल निलंबित करने और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। एक अन्य मामले में निजी बस में टिकट बुक होने के बावजूद सीट आवंटित न करने की शिकायत पर बिना उचित निस्तारण के प्रकरण बंद कर दिया गया। इस पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीएम ने कहा कि आईजीआरएस पर आईं शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर औपचारिकता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायतों का निस्तारण केवल स्थलीय जांच, शिकायतकर्ता से संवाद और तथ्यों के सत्यापन के बाद ही किया जाए। भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भिटकुरी ग्राम पंचायत सचिव निलंबित, ग्राम प्रधान के अधिकार सीज
डीएम सत्येंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। जनपद में संचालित गोशालाओं की व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान गो-संरक्षण केंद्र, भिटकुरी का सही ढंग से संचालन न होने पर नाराजगी जताई। संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने और ग्राम प्रधान के प्रशासनिक अधिकार सीज करने के लिए खंड विकास अधिकारी सेवापुरी और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए।
सत्तनपुर गांव में निर्माणाधीन वृहद गोवंश आश्रय स्थल के निर्माण में खराब सामग्री का इस्तेमाल करने पर संबंधित ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। प्रोजेक्ट मैनेजर के निलंबन की कार्रवाई भी की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी गोवंशों के लिए पीने का स्वच्छ पानी और शेड की उचित व्यवस्था रहे।