इसके उपरांत मा गंगा को पुष्पांजलि अर्पित की गई। पद्मश्री विदुषी मालिनी अवस्थी जिन्होंने प्रथम बार गंगा तट अपनी हाजिरी लगाई। मालिनी अवस्थी ने राग भैरवी में मोहन जागो भोर की चिड़िया बोलन लागी सुनाई।
इसके बाद श्रोताओं के विशेष आग्रह पर उन्होंने अपने गुरु विदुषी पद्मविभूषण विदुषी गिरिजा देवी जी के प्रिय ठुमरी के मधुर गायन से बनारस के पारंपरिक संगीत से सबके मन को रससिक्त कर दिया। जिसके बोल थे पिया के मिलन की आस।
सुबह ए बनारस के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ राजेश्वर आचार्य ने सभी का स्वागत किया वहीं सुबह ए बनारस के संस्थापक सचिब डॉ रत्नेश वर्मा ने तथा धन्यवाद किया। सुबह ए बनारस के उपाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने इस अवसर पर विशिष्टजन उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख थे पूर्व संस्कृति मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, पूर्व मेयर वाराणसी श्री राम गोपाल मोहले एवं बाबा हरिहर रामजी अघोर संत एवं सदस्य पं दीपक मिश्रा। इनके अलावा चित्रकार मनीष खत्री पाणिनि कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या नंदिता शास्त्री तथा एमजी राय एवं वाराणसी विकास समिति के प्रमुख व्यवसायी आरके चौधरी, गायक कलाकार पं देवाशीष डे, पूर्व निदेशक आई एम एस बी एच यू चिकित्सक प्रो टीएम महापात्र, वरिष्ठ सदस्य सुबह ए बनारस रमेश तिवारी भी मौजूद रहे।
कोषाध्यक्ष सुनील शुक्ला एवं सदस्य सुबह ए बनारस अजय गुप्ता तथा मंजू मिश्रा, श्याम केसरी, यूपी सिंह, देवेंद्र मिश्र, कृष्णमोहन पांडेय, जयप्रकाश मित्तल, अमर अग्रवाल ज्योतिषविद पं हरेंद्र उपाध्याय, दिलीप गुप्ता आदि विशिष्टजन उपस्थित रहे महिला सदस्यों में रही मंजू गुप्ता, विभा शुक्ला श्रीमती सीमा केसरी डॉ शिवानी शुक्ला डॉ रागिनी सरना, अर्चना अग्रवाल आदि की उपस्थिति प्रमुख रही ।