माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब जिले के विशिष्ट उत्पाद एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) से अवगत कराया जाएगा। इसमें छात्रों को न केवल ओडीओपी के महत्व और उत्पादों के बारे में जानकारी दी जाएगी, बल्कि उन्हें ओडीओपी मेलों और प्रदर्शनियों का भ्रमण भी कराया जाएगा। विद्यालयों में विशेष सत्र आयोजित कर बनारसी रेशमी साड़ी के इतिहास, निर्माण प्रक्रिया, कला और आर्थिक महत्व के बारे में बताया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों के पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ओडीओपी के बारे में जानने से छात्रों में उद्यमिता के प्रति रुचि भी पैदा होगी। इसमें बनारसी साड़ियों के कई प्रकार, उनकी बुनाई की तकनीक और बाजार में उनकी मांग से संबंधित जानकारी शामिल होगी।