फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोस्त पुलिस: छात्रों ने देखा थाने का कामकाज, जाना कैसे दर्ज होती है FIR; साइबर हेल्प डेस्क से पूछे कई सवाल

Sun, 27 Apr 2025 02:27 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

अमर उजाला की ओर से दोस्त पुलिस अभियान के कार्यक्रम में छात्राओं ने न सिर्फ पुलिस के कामकाज को जाना बल्कि कानून के तरीकों को भी समझा। इसका उपयोग कर कैसे अपराधी पर कार्रवाई की जा सकती है, इस पर भी कई सवाल किए।
विज्ञापन
शिवपुर थाने में जानकारी लेतीं छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस अभियान के तहत शनिवार को छात्र-छात्राओं ने शिवपुर थाने का भ्रमण किया। शिवपुर स्थित गुरुनानक पब्लिक स्कूल के कक्षा 9 से 12 के छात्र-छात्राओं ने यह समझा कि एफआईआर कैसे दर्ज कराई जाती है। थाने में महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क कैसे काम करती है। 

विज्ञापन


छात्र-छात्राओं ने समझा कि पुलिस के आपातकालीन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 का उपयोग कब किया जाए। 

सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टर का क्या काम होता है। छात्र-छात्राओं ने थाने की हवालात को देखा और पूछा कि लोग उसके अंदर क्यों रखे जाते हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब इंस्पेक्टर (अपराध) विद्या शंकर शुक्ला, सब इंस्पेक्टर प्रतिभा शाही और सब इंस्पेक्टर प्रतिमा कुशवाहा ने दिया। 

Trending Videos
विज्ञापन

कोई हमारा पीछा करे या लोकेशन ट्रैक कर रहा हो तो क्या करना चाहिए। - अनन्या केसरी
आप 112 नंबर पर फोन कर शिकायत कर सकती हैं। इसके अलावा 1090 नंबर पर भी कॉल कर सकती हैं।

फोटो एडिट कर किसी लड़की को कोई ब्लैकमेल करे तो क्या करें। - वक्षिका
सोशल मीडिया पर निजी फोटो शेयर करने से बचना चाहिए। फिर भी कोई आपकी फोटो का दुरुपयोग करे तो नजदीकी थाने पर जाकर महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं।

हम अपना मोबाइल फोन कैसे सुरक्षित रखें। - श्वेता मिश्रा
फिंगर प्रिंट या सिक्योरिटी कोड डाल कर रखें। मोबाइल में एम कवच एप डाउनलोड करके रखें।

कोई घटना होती है तो पुलिस कैसे पता लगाती है कि कौन सही है और कौन गलत है। - प्रज्ञा तिवारी
पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ करती है। स्थानीय लोगों से बातचीत कर पता लगाती है कि क्या और कैसे हुआ था। इसके अलावा सर्विलांस, सीसी फुटेज जैसे अन्य माध्यमों की भी मदद ली जाती है।

हम ऐसा क्या करें कि साइबर फ्रॉड के शिकार न हों। - समृद्धि
अनजान नंबर से आए किसी लिंक या फाइल को न खोलें। वीडियो कॉल न रिसीव करें। अपने डेबिट कार्ड या बैंक खाते से संबंधित विवरण न साझा करें। ऑफर, बंपर छूट या कम निवेश पर ज्यादा मुनाफे के चक्कर में न पड़ें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें