बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी मे स्ट्रेचर की कमी की वजह से मरीजों को इमरजेंसी और ओपीडी तक ले जाने, आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा एमसीएच विंग में स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में केवल 200 मरीज ही देखी जा रही हैं। इससे हर दिन बड़ी संख्या में महिलाओं को बिना डॉक्टर को दिखाए जाना पड़ रहा है। बुधवार को समाजवादी छात्रसभा बीएचयू इकाई की ओर से सिंह द्वार से अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
चिकित्साधीक्षक कार्यालय पर समाजवादी छात्रसभा बीएचयू इकाई अध्यक्ष हिमांशु यादव ने कहा कि स्ट्रेचर की कमी के साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ती मरीज संख्या के अनुसार नहीं है। इस वजह से दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जांच करवाने के लिए भी लोगों को घंटो लाइन में लगना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। यहीं नहीं मेडिकल दलालों का नेटवर्क भी सक्रिय है।
इस दौरान चिकित्साधीक्षक से मिलने पर कार्यकर्ता अड़े रहे लेकिन चिकित्साधीक्षक से मिल नहीं सके। इस दौरान कार्यकर्ता चिकित्साधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। सूचना पाकर मौके पर उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीलेश कुमार धरना स्थल पर पहुँचे और छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया।
इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया और एक लिखित मांगपत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरीजों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुधीर गुप्ता, अभिनन्दन कश्यप, जय अग्रहरी, ऋतम सिंह, अभिषेक गोप आदि लोग मौजूद रहे।