इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और मुकदमा वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना था कि जो लोग मौके पर नहीं थे, उनके खिलाफ भी फर्जी केस दर्ज कर दिया गया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद काशी जोन के डीसीपी गौरव बंशवाल मौके पर पहुंचे और छात्रों के साथ काशी विद्यापीठ प्रशासन से बातचीत की। डीसीपी ने घटना में शामिल न रहने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। काशी विद्यापीठ के कुलानुशासक प्रो. केके सिंह ने कहा कि पुलिस ने छात्रों की मांगें मान ली है। इसके बाद छात्र चले गए।