छात्रावास में सीट भरने की वजह से कई छात्रों को मजबूरी में विश्वविद्यालय परिसर से बाहर किराए पर रहना पड़ता है। प्रशासन का कहना है कि छात्रावासों की कमी की चुनौती से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्थायी समाधान होने तक अन्य भवनों को छात्रावास में परिवर्तित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को परिसर में रहने की सुविधा मिल सके।
बीएचयू से बाहर किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को परिसर में ही रहने की जगह दिलाने की योजना विश्वविद्यालय प्रशासन ने बनाई है। ऐसे छात्रों को छात्रावासों व अन्य खाली पड़े भवनों में कमरा दिलाने सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं दिलाई जाएंगी। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
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छात्रावास में सीट भरने की वजह से कई छात्रों को मजबूरी में विश्वविद्यालय परिसर से बाहर किराए पर रहना पड़ता है। प्रशासन का कहना है कि छात्रावासों की कमी की चुनौती से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्थायी समाधान होने तक अन्य भवनों को छात्रावास में परिवर्तित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को परिसर में रहने की सुविधा मिल सके।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने सलाहकार प्रो. रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। समिति में डॉ. सीमा तिवारी, डॉ. विजय कुमार सोनकर, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. प्रियंका झा सदस्य बनाए गए हैं।
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संचालकों से भी बातचीत करेंगे सदस्य
समिति भवनों/लॉज/निजी छात्रावासों का दौरा कर संचालकों से भी बातचीत करेगी। समिति इन भवनों में सुरक्षा, वातावरण, विश्वविद्यालय परिसर से दूरी, परिवहन/संपर्क की सुविधा, किराया/शुल्क, खाने की गुणवत्ता समेत अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन करेगी। इसके बाद कुलपति को सिफारिशें और सुझाव देगी।