गांजा सहित प्रतिबंधित पदार्थों का लगता है पता
मेडिकल साइंस कहता है कि इस तरह की जांच शरीर में कुछ विशिष्ट नशीले या प्रतिबंधित पदार्थों की उपस्थिति का पता लगाने के लिए की जाती है। कई बार खेल, रोजगार और कानूनी वजहों से की जाती है। आईएमस बीएचयू में मेडिसीन विभाग के चिकित्सक ओ. नीलेश कुमार के अनुसार, अवैध ड्रग का पता लगाने के लिए यूरिन का सैंपल लेकर जांच किया जाता है। प्रेसक्रिप्शन या फिर मेडिकेशन के आधार पर भी ये जांच हो सकती है। इससे गांजा, कोकीन सहित कई तरह के नशे का पता लगाया जाता है।