काशी विद्यापीठ मे फिजिकल एजूकेशन डिग्री की मान्यता को लेकर प्रदर्शन करते विद्यार्थी । अमर उजाला
केंद्रीय विद्यालयों की नौकरी में बीपीएड, एमपीएड के दो साल के कोर्स के बाद मिलने वाली उपाधि को मान्यता न देने का मामला बढ़ता जा रहा है। बीएचयू में बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से नौकरियों में इस डिग्री को मान्यता दिलाने की मांग की।
काशी विद्यापीठ से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बीपीएड और एमपीएड के दो वर्ष के कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद डिग्री ली है। जिन विद्यार्थियों ने केंद्रीय विद्यालयों में नौकरियों के लिए आवेदन किया है, उनकी डिग्री को मान्यता नहीं दी जा रही है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि डिग्री को मान्यता न देकर जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। कहा कि देश भर के विश्वविद्यालयों में बीपीएड, एमपीएड का कोर्स चलाया जाता है, इसके बाद भी नौकरियों में क्यों नहीं मान्यता डिग्री को दी जा रही हैं, यह समझ से परे हैं। इसके विरोध में नारेबाजी कर छात्रों ने प्रदर्शन किया। सूचना पाकर विश्वविद्यालय प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य पहुंचे और छात्रों को मनाने का प्रयास किया लेकिन छात्र ठोस कार्रवाई पर अड़े रहे। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों से शिक्षा मंत्रालय को अवगत करवाने का आश्वासन दिया, इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।