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BHU में धरने पर बैठी छात्रा: PhD प्रवेश को लेकर लगाया गंभीर आरोप, EWS को लेकर उठाए सवाल

Thu, 17 Apr 2025 12:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

सेंट्रल ऑफिस के बाहर बैठी छात्रा ने कहा कि  जब तक मुझे पेमेंट का लिंक नहीं आ जाता तब तक मैं यहीं बैठी रहूंगी। अगर नियमों से परे जाकर किसी भी अभ्यर्थी का प्रवेश मेरे स्थान पर हुआ तो मैं अपनी अकादमिक हत्या मानूंगी।
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सेंट्रल ऑफिस के बाहर बैठी अर्चिता सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू हिन्दी विभाग से स्नातक और परास्नातक की छात्रा अर्चिता सिंह सेंट्रल ऑफिस के बाहर गुरुवार को धरने पर बैठ गई। छात्रा ने बताया कि मैंने 2024-25 पीएचडी प्रवेश बुलेटिन के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश पोर्टल को भरी, जिसमें मुझसे EWS कैटेगरी के बारे में YES या NO टिक करने के लिए कहा गया था।

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बताया कि मैं EWS कैटेगरी से संबंधित अभ्यर्थी हूं, इसलिए मैं YES पर टिक कर दिया। इसके बाद मुझे काउंसलिंग हेतु विभाग बुलाया गया, जहां पर मुझसे सभी दस्तावेज और कोई भी उपलब्ध EWS सर्टिफिकेट देने के लिए कहा गया।
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अंडरटेकिंग लेकर 1 माह यानी कि 31 मार्च तक EWS सर्टिफिकेट जमा करने को बोला गया। मेरे पास सत्र 2023-24 का EWS सर्टिफिकेट था, जिसे मैं अन्य दस्तावेजों के साथ संलग्न करके जमा की। EWS के लिए अंडरटेकिंग फॉर्म भी जमा की।

छात्रा ने कहा कि मेरे सभी दस्तावेजों, जिसमें EWS का अंडरटेकिंग फॉर्म भी सम्मिलित था, को 4 अलग-अलग प्रक्रियाओं से वेरिफिकेशन करके गुजारा गया। मुझे इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। विभाग द्वारा पीएचडी का प्रवेश परिणाम घोषित किया गया, जिसमें मेरी UR कैटेगरी में रैंक 15 है और डिपार्टमेंट मुझे पीएचडी प्रवेश के लिए पेमेंट लिंक भेजने की तैयारी में था।

इससे पहले विभाग के कुछ प्रोफेसरों और केंद्रीय कार्यालय के शीर्ष अफसरों द्वारा अपने एक प्रिय छात्रा को प्रवेश कराने हेतु एडमिशन प्रक्रिया को बाधित करके प्रवेश के लिए भेजे जाने वाले पेमेंट लिंक को रोक विभाग द्वारा एक कमेटी बना दी गई।

बाद में कमेटी ने इस मामले को जबरन सिर्फ अपने प्रिय छात्र का प्रवेश कराने के उद्देश्य से USAB में मामले को भेज दिया गया। जहां मैं USAB के चेयरमैन और अन्य अधिकारियों से मिलने का प्रयास की तो सर्वप्रथम मुझसे मिलने तथा मेरी समस्याओं के निराकरण पर मना कर दिया गया।
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बहुत प्रयास के बाद जब मैं कुछ अधिकारियों से मिली तो उनके द्वारा कहा जा रहा है कि आपने पुराना EWS सर्टिफिकेट क्यों जमा किया? जब मैं प्रतिउत्तर में बोली कि मैंने अंडरटेकिंग फॉर्म जमा करके 29 मार्च को ही नया EWS सर्टिफिकेट जमा कर दी हूं तो उनके द्वारा कहा गया कि हम इन सब अंडरटेकिंग को नहीं मानता हूं। इसलिए तुम्हारा एडमिशन नहीं किया जाएगा।

जबकि पीएचडी इनफॉरमेशन बुलेटिन में भी ऐसी कोई बात नहीं है कि अंडरटेकिंग फॉर्म मान्य नहीं होगा। इतना ही नहीं मेरे विभाग में ही कुछ अन्य छात्र-छात्राओं द्वारा अंडरटेकिंग फॉर्म जमा करके बाद में सर्टिफिकेट जमा किया गया। उनका प्रवेश भी हो चुका है। इसके बाद USAB के अधिकारियों ने कहा कि ये मामला तुम्हारे एडमिशन पर आकर रुका है तो नया नियम तुम्हारे लिए ही बनेगा।

ऐसी साजिश सिर्फ अपने प्रिय छात्र को नियमों से परे जाकर एडमिशन दिलाने के लिए किया जा रहा है। छात्रा ने कहा कि पीएम मोदी का मानना है तथा केंद्र की कई योजनाएं हैं कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जबकि यहां उन्हीं के शासन तंत्र द्वारा नियुक्त अधिकारियों द्वारा मेरी अकादमिक हत्या की जा रही है।

मुझे पिछले 15 दिनों से विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों के केबिन में चक्कर लगवाया जा रहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि अगर केंद्रीय कार्यालय के अधिकारियों से हमें नियमों के अनुसार आपका प्रवेश लेने के लिए बोल दिया जाएगा तो मेरा एडमिशन हो जाएगा। इसलिए मैं केंद्रीय कार्यालय पर शांतिपूर्वक धरने पर बैठी हूं।
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