आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने कहा कि जिले की चिकित्सा व्यवस्था खुद “वेंटिलेटर” पर है। उन्होंने कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ है और इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को निंदनीय बताते हुए इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया।
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मिथिलेश यादव ‘मोती’ ने कहा कि आंदोलन अभी जारी रहेगा और जल्द ही इसकी अगली रणनीति घोषित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषी डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक छात्र संघर्ष समिति का आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
प्रदर्शन में छात्रनेता अविनाश सिंह नंदन, श्वेता तिवारी, प्रभात मौर्य, अभिषेक वर्मा, मनीष तिवारी, आदित्य सिंह, रोहित माही, रमेश गिरी सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। आंदोलन के इस अनोखे तरीके ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है।