धान की कटाई के दौरान ही मोंथा तूफान और बारिश हो गई थी। उप निदेशक कृषि अमित जायसवाल ने बताया कि खरीफ के बाद रबी की बोआई में कम समय होता है। ऐसे में बारिश से धान की कटाई देर से हुई। इसलिए कुछ किसानों ने जल्दी बोआई कराने के लिए पराली जलाया। इन किसानों पर जुर्माना लगाया गया। पांच से 30 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया गया है।
यूपी में मिर्जापुर व वाराणसी मंडल सबसे कम
पूरे यूपी में मिर्जापुर में सबसे कम पराली जलाने के मामले हुए हैं। यहां पर मात्र 37 मामले हैं। जबकि वाराणसी मंडल में 140 मामले हैं। जबकि प्रदेश के अन्य मंडलों में गोरखपुर में सबसे ज्यादा हैं।
बीते साल से घटनाएं कम हुई हैं। किसानों में जागरूकता आई है। हालांकि, कटाई के दौरान बारिश से अंतिम समय में रबी की बोआई में देरी को देखते हुए खेतों को खाली करने के लिए घटनाएं बढ़ी हैं। जिन किसानों ने पराली जलाएं हैं उनपर अर्थदंड की कार्रवाई की गई है। -शैलेंद्र कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी
जिले पराली जलाने के केस
- चंदौली 23
- वाराणसी 4
- भदोही 5
- सोनभद्र 7
- मिर्जापुर 25
- गाजीपुर 44
- आजमगढ़ 59
- मऊ 37
- बलिया 90
- जौनपुर 70