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न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष

Mon, 18 Apr 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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मुद्दा रिंग रोड का
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रिंग रोड की चौड़ी और निर्माणाधीन सुनसान सड़क पर रविवार को भी किसानों के हक की आवाज गूंजी। नए सर्किल रेट से मुआवजे की किसानों की मांग पर जिला प्रशासन की ओर से गेंद सीएम के पाले में डाले जाने के बाद अब शासन का रुख जानने की बेकरारी बढ़ गई है। इस बीच, हृदयपुर और अहमदपुर में धरने पर बैठे दर्जनों गांवों के किसानों ने न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। बताया कि सोमवार को इस मसले पर पंचायत होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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बता दें कि शनिवार को जिलाधिकारी राजमणि यादव ने किसानों के साथ हुई बैठक में उन्हें भरोसा दिलाया था कि वे शासन से इस बारे में दिशा-निर्देश प्राप्त करेंगे। शासन को निर्देशानुसार अगला निर्णय लिया जाएगा। तब तक प्रभावित 19 गांवों में रिंग रोड का काम बंद रखने का निर्देश भी डीएम ने दिया था। किसान प्रशासन के वादे के अनुरूप न्याय मिलने के इंतजार में हैं। वे अपना धरना जारी रखने के साथ इसकी निगरानी भी कर रहे हैं कि कहीं गुपचुप तरीके से काम न शुरू करा दिया जाए। किसानों ने काम में लगे वाहनों के आवागमन में बाधा न पहुंचाने का आश्वासन भी दिया है। रविवार को वाहनों के आने जाने में किसी प्रकार की बाधा किसानों ने नहीं पहुंचाई। हालांकि निगरानी के लिए हर गांव में बनी चौकियों पर किसानों की टोली डटी रही। किसानों ने बताया कि 19 अप्रैल को आने वाली केंद्रीय टीम से मिलकर किसान अपना पक्ष रखेंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पर धरना और ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी है। हृदयपुर और अहमपुर में धरने में लालमन पटेल, रामचंदर पटेल, गुलाब शारदा यादव, शिव वचन यादव, राजेश उपाध्याय, कमलेश, मोती विश्वकर्मा, महाजन यादव, छोटे लाल, जवाहिर, चिथड़ू राजभर, प्रभु नाथ हीरा, कमला देवी, सुदामा, गीता, कुलपत्ती, कलावती, राधा समेत सैकड़ों किसान शामिल थे।


एसडीएम सदर त्रिभुवन राम ने कहा कि रिंग रोड मामले में किसानों की समस्याओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले संदहा के लेखपाल शिवशंकर चौबे को हटा दिया गया है। उनकी जगह बरईपुर के लेखपाल रविंद्र को तैनाती दी गई है। साथ ही, लेखपालों की एक टीम गठित कर दी गई है जो मौके पर जाकर छूटे किसानों का सत्यापन करेगी।  लेखपाल बुधवार तक रिपोर्ट दे देंगे।
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वाराणसी। रिंग रोड का काम 19 गांवों में ठप है। रात में निर्माणकारी संस्था काम न शुरू कर दे इसके लिए जगह-जगह निगरानी चौकियां बनाई गई हैं। रात को गुजरने वाले वाहनों पर खास नजर रखी जा रही है। किसान गश्त भी कर रहे हैं। बाकायदा इसके लिए टीमें गठित की गई हैं।
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