शासन ने पहले डिबार किए जा चुके कारोबारी या उनसे जुड़े बिजनेस पार्टनर और एसोसिएट को दोबारा लाइसेंस प्रक्रिया में शामिल होने से रोकने के भी निर्देश दिए हैं। इससे अवैध कारोबार में शामिल लोगों द्वारा दूसरे व्यक्तियों के नाम पर लाइसेंस लेकर कारोबार करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सकेगी।
आजमगढ़ में भी बीते दिनों कई मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है। कोडिन सिरप सहित अन्य दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में कार्रवाई के बाद अब शासन के नए निर्देशों के तहत जिले में भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।
दवाई के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए शासन स्तर से सख्ती बरती जा रही है। अवैध कारोबारियों के रिश्तेदारों के नाम पर भी थोक औषधि लाइसेंस जारी नहीं होंगे। इससे नकली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। - सीमा वर्मा, औषधि निरीक्षक, आजमगढ़।