कहा कि नौकरी से जुड़ी तमाम सोशल साईट के विज्ञापन आते हैं, उसकी पड़ताल करने के बाद ही उस पर जुड़े। साइबर अपराधी तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, ऐसे में सर्तकता ही सबसे बड़ा बचाव है। छात्राएं अपना मोबाइल नंबर किसी भी अंजान व्यक्ति को न दें।
डिजिटल अरेस्ट के साथ साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं अगर किसी पुलिस अधिकारी या सीबीआई सहित किसी बडे़ एजेंसी के नाम पर कोई फोन आता है तो घबराएं नहीं। उनसे बात करें, कोई पैसा न दें। इस फोन की जानकारी अपने नजदीकी थाने पर दें और प्राथमिकी दर्ज करवाएं।
साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम मे प्रमोद कुमार, प्रधानाचार्य अजय कुमार सिंह सहित विद्यालय के अध्यापक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।