ज्ञानवापी मामले में वृंदावन मथुरा के कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने नया वाद दाखिल किया है। इस मामले में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को प्रतिवादी बनाया गया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन रितेश अग्रवाल की अदालत ने वादी के वकीलों का पक्ष सुनने के बाद आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली है। वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आगरा की जामा मस्जिद के मामले के भी पक्षकार हैं।
अदालत में दाखिल नए वाद में ज्ञानवापी परिसर की सफाई कराने और उसके कमरों को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी से मुक्त कराकर हिंदुओं को सौंपे जाने की मांग की गई है। ताकि, ज्ञानवापी में पूजा-पाठ करने और आने-जाने में आ रहा व्यवधान दूर हो सके।
वादी सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर कौशल किशोर ठाकुर की ओर से राठौर गहरवार वंश के महाराजा जयचंद द्वारा आदि विश्वेश्वर महादेव, काशी विश्वनाथ मंदिर सहित सनातन धर्म के अस्तित्व स्थलों के निर्माण के तथ्यों का जिक्र किया गया है।
कहा गया है कि काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर की सफाई कराकर उसे अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना सनातन हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए जरूरी है।