ग्रामीणों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों पर जन औषधि केंद्र खोले जाने हैं। तीन सहकारी समितियों को स्टोर कोड भी जारी हो गए, लेकिन बजट न होने से समितियों पर दवाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इससे लोगों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है।
सहकारी समितियों पर बीज व खाद के साथ सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र खोलने की कवायद शुरू की गई है। जिले में पांच समितियों पर केंद्र खोलने का लक्ष्य मिला था। नौ समितियों की ओर से आवेदन आए हैं। सेवापुरी ब्लॉक के भटौली व लडुवाई और आराजी लाइन के मिर्जामुराद को स्टोर कोड जारी हो गए हैं। दवा खरीदने के लिए बजट की व्यवस्था नहीं हो सकी।
एक छत के नीचे कई सुविधाएं देने की कवायद
जिलेभर के 93 सहकारी समितियों को बी-पैक्स बहुउद्देशीय समिति के तौर पर विकसित किया जा रहा है। एक छत के नीचे कई सुविधाएं देने के लिए शासन ने कवायद की है। इसके तहत सहकारी समितियों पर जन औषधि केंद्र खोले जाने है। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी सचिव को दी गई है। वहीं, फार्मासिस्ट को मुनाफे से हिस्सा दिए जाने की व्यवस्था है।
वर्जन
तीन समितियों को स्टोर कोड जारी हुए हैं। दवा मंगाने के लिए बजट को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं आया है। जल्द ही इसको लेकर बैठक होने वाली है। बैठक में जैसा निर्देश मिलेगा, आगे वैसा किया जाएगा।
-सोमी सिंह, उपायुक्त सहकारिता