जैसे ही प्रशासनिक टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर कुछ लोगों द्वारा तहसीलदार और पुलिसकर्मियों की ओर पत्थरबाजी भी किया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विरोध कर रहे लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
सूचना मिलते ही गोपीगंज कोतवाली प्रभारी सच्चिदानंद पांडेय अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से जाम हटवाया और यातायात सुचारु कराया। इसके बाद पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के बीच प्रशासनिक टीम ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई पूरी की।
पुलिस ने पथराव और विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में आधा दर्जन से अधिक महिला-पुरुषों को हिरासत में लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छह से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। एहतियातन मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया है।