सोनभद्र जिले की चोपन नगर पंचायत के चेयरमैन इम्तियाज अहमद की हत्या में वांछित 25-25 हजार के दो इनामी बदमाश हनुमान मंदिर प्रीत नगर के सूरज पासवान और गौरव नगर के रिंकू भारद्वाज उर्फ चंद्रप्रकाश को कोलकाता के फूलबगान क्षेत्र से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर मंगलवार को सोनभद्र के सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। दोनों के पास से पांच मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
चोपन थाना के ग्रेवाल पार्क, प्रीत नगर में 25 अक्तूबर की सुबह बदमाशों ने कारबाइन से गोली मारकर चेयरमैन इम्तियाज अहमद की हत्या कर दी थी। अब तक की तफ्तीश में चेयरमैन की हत्या में 13 लोगों के नाम सामने आए हैं जिनमें से छह हत्यारोपी जेल में बंद है।
अभिसूचना संकलन के दौरान एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह को जानकारी हुई कि चेयरमैन की हत्या के आरोपी सूरज और रिंकू कोलकाता के फूलबगान क्षेत्र में छुप कर रह रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में गई टीम ने रिंकू और सूरज को 27 दिसंबर को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र ले आई।
युवती को लेकर था विवाद और की गई थी पिटाई
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि रिंकू भारद्वाज और इम्तियाज अहमद का एक स्थानीय युवती को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा था। उसी युवती के विवाद में मई 2018 में इम्तियाज के लोगों ने रिंकू की पिटाई की थी और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। इस वजह से इम्तियाज से रिंकू बदला लेना चाहता था। इसी दौरान राकेश जायसवाल और रिंकू का संपर्क हुआ।
राकेश और इम्तियाज पहले पत्थर खनन के काम में एक-दूसरे के सहयोगी थे लेकिन लगभग दो वर्षों से हिसाब को लेकर दोनों में लड़ाई हो गई थी। नए खनन के अधिकांश टेंडर इम्तियाज को मिल गए थे, राकेश ने काम बिगाड़ने की काफी कोशिश की लेकिन सफल न हुआ तो हत्या कराने की ठानी। राकेश ने अपने मैनेजर शिवेंद्र के माध्यम से रिंकू को इम्तियाज की हत्या के लिए तैयार किया।
इसके लिए रिंकू ने झारखंड के मूल निवासी सूरज से संपर्क किया। सूरज ने अपने पुराने परिचित कश्मीर पासवान उर्फ राकेश निवासी चकनार जनपद पलामू, झारखंड से संपर्क किया। कश्मीर ने अपने तीन दोस्तों अखिलेश ठाकुर, शशि चंद्रवंशी, संतोष पासवान को तैयार किया और सूरज से मिलवाया। इस काम के लिए प्रत्येक शूटर को तीन-तीन लाख रुपया देने की बात हुई।
शिवेंद्र के माध्यम से रिंकू को पांच लाख एडवांस मिला। इसके बाद चार लाख रुपये का फिर भुगतान हुआ। बात तय होने पर 24 अक्तूबर को कश्मीर, शशि, संतोष, अखिलेश चोपन आए। सभी को सूरज ने कृष्णा सिंह, पवन और रवि गुप्ता के सहयोग से सीमा गुप्ता भवन, चोपन में रुकवाया।
इसके साथ ही इम्तियाज के आने-जाने के रास्ते की रेकी कराई गई। 25 अक्तूबर को हत्या कर कारबाइन सूरज के पास रखे जाने थे। मगर, कारबाइन फंस जाने और कश्मीर के पकड़े जाने के कारण सभी पूर्व निर्धारित योजना के बजाय अलग-अलग भागे।