फरारी के दौरान ही राम आसरे केवट ने बिहार के पश्चिमी चम्पारण स्थित सूजीघाट से नारद के पुत्र का अपहरण किया था। इसमें राम आसरे केवट आदि को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर अपहृत किशोर को बरामद किया था।
कुशीनगर पुलिस ने राम आसरे केवट को देवरिया जिला जेल में दाखिल किया था। कुशीनगर स्थित कोर्ट में पेशी के बाद देवरिया जेल जाते समय पांच दिसंबर 2011 को अपने दो साथियों संग राम आसरे केवट फरार हो गया था। इसके बाद देवरिया पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार रामआसरे केवट उत्तर प्रदेश-बिहार के सीमावर्ती जनपद कुशीनगर और पश्चिमी चंपारण के अपराधी रूदल यादव गैंग का सक्रिय सदस्य था। एसटीएफ गोरखपुर के संग मुठभेड़ में रूदल यादव मारा गया था। रूदल यादव रामआसरे केवट के घर अक्सर ठहरता था। साथ यह गैंग अपहरण कर अपहृत व्यक्ति को लाकर रामआसरे केवट के घर पर रखता था।