प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों का हाल जानने शनिवार को यहां आए प्रदेश के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के अचानक नगर निगम कार्यालय पहुंचने से हड़कंप मच गया। मंत्री ने निगम कार्यालय पहुंचते ही तीनों चैनल गेट बंद करा दिए।
फिर घंटे भर तक अधिकारियों के कक्षों और कार्यालयों का मुआयना किया। 11 बजे तक ड्यूटी पर नहीं आए कंप्यूटर अनुभाग के 17 कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेते हुए गंदगी और लापरवाही पर अफसरों को जमकर फटकार लगाई।
दो टूक हिदायत दी कि तत्काल सुधर जाएं नहीं तो कार्रवाई भुगतने को तैयार रहें। नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर को जाते-जाते यह भी चेता गए कि अगले महीने के तीसरे शनिवार को फिर आएंगे। सरकार बदल गई है, सिर्फ काम चाहिए काम।
नगर विकास मंत्री यहां हनुमान घाट स्थित कांच्चि कोटि काम कोटीश्वर मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। वहां से लौटते समय मंडलायुक्त सभागार में प्रस्तावित समीक्षा बैठक में जाने के बजाए उनका काफिला अचानक नगर निगम कार्यालय की ओर मुड़ गया।
10:30 बजे नगर विकास मंत्री निगम दफ्तर पहुंचे तो वहां अफरातफरी मच गई। मंत्री ने तत्काल तीनों चैनल गेट बंद कराकर पहले दफ्तर में अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। समीक्षा बैठक में गए नगर आयुक्त को सूचना मिली तो वह भागकर निगम कार्यालय आए।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान मुख्य गेट के पास लगी बायोमेट्रिक मशीन खराब थी। जगह-जगह गंदगी फैली थी। कार्यालय में कई जगह दीवारें, दरवाजों के कोने और डस्टबिन पान और गुटखे की पीक से पटे पड़े थे।
अपर नगर आयुक्त राजेंद्र सिंह सेंगर और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे तो वहां गलियारे से परिसर तक कबाड़ वाहनों का जमावड़ा और धूल फांक रही 239 नई डस्टबिन पर भी नजर पड़ी। हालात देखकर मंत्री हैरान रह गए।