गाजीपुर। जनपद में भूमि रजिस्ट्री कराने में स्टांप शुल्क चोरी के मामले नहीं रुक रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती 90 दिनों में ही 92.30 लाख रुपये के स्टांप शुल्क की चोरी पकड़ी गई है। अब तक स्टांप चोरी में 107 लोगों के खिलाफ वाद दर्ज किया गया है। इनके अलावा बड़े बैनामों की लगातार जांच की जा रही है, जिससे अभी और अधिक चोरी पकड़ने की बात सामने आ रही है।
जनपद में रजिस्ट्री कराने के दौरान तथ्यों को छिपाकर स्टांप चोरी की जाती है। हालांकि ऐसे लोगों को लेकर अब सख्ती बरती भी जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के शुरूआत के 90 दिनों में हुई 452 बड़े बैनामों की जांच की गई है। इसमें 345 बैनामे सही, मिले, जबकि 107 लोगों के स्टांप चोरी करने का भी मामला विभाग की जांच में पकड़ा गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों ने 90 लाख 30 हजार रुपये की चोरी की है, जिनके खिलाफ संबंधित अधिकारी की कोर्ट में वाद दर्ज किया गया है। जबकि पिछले वर्ष 1,996 बैनामों की जांच की गई थी, जिसमें 414 लोगों द्वारा 4 करोड़ 89 लाख की स्टांप चोरी का मामला सामने आया था।
ऐसे की जाती है स्टांप शुल्क में चोरी
गाजीपुर। कोई भूमि जो चकरोड, पक्की अथवा कच्ची सड़क पर होती है और आबादी के निकट होती है। उस पर सर्किल रेट के अलावा अतिरिक्त स्टांप लगता है। इसके अलावा संबंधित भूमि में मकान, अर्धनिर्मित भवन अथवा बाग व पेड़ मौजूद हो तो भी स्टांप शुल्क अधिक लगता है। भूमि रजिस्ट्री के दौरान इन तथ्यों को छिपाकर कम स्टांप शुल्क देते हुए बैनामा कराया जाता है तो उसे स्टांप चोरी माना जाता है। इन्हीं मामलों में स्टांप चोरी का केस दर्ज करने के साथ ही संबंधित पक्ष को नोटिस देकर मुकदमा चलाया जाता है।
स्टांप की कमी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। बड़े बैनामों की जांच की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के तीन माह में 92.30 लाख रुपये की स्टांप कमी मिली है। इसपर संबंधित के खिलाफ वाद दर्ज किया गया है।- प्रेम प्रकाश एआईजी स्टांप